सोमवार, 7 सितंबर 2015

Geet

कनियाँ::
हमरा छोड़ि क' मुहँ मोड़ि क'
नहि जाउ पिया परदेश
कोना क' हेतै गुजारा
बिनु आहाँ कोना रहबै यौ
कोना हेतै खेती बाड़ी
कोना क' पेट भड़तै यौ...
पिया::
जाए दिअ परदेश सजनी
लाएब कमा क' ढ़ेउवा यै
लाएब निक निक साड़ी
लाएब आहाँ लेल गहना यै...
कनियाँ::
छोड़ू छोड़ू पिया
नहि चाही हमरा साड़ी
नहि चाही कोनो गहना यौ
संग आहाँके रही
इहए हमर कामना यौ....
पिया::
गाम मे आब रहि सजनी
नहि हेतै गुजारा यै
बुच्चा बुच्ची नम्हर हेतै
खर्चा आगू बढ़बे करतै
ताँए जाए दिअ परदेश हमरा यै ..
कनियाँ::
जा क' परदेश पिया
ढ़ेउवा त कमाएब यौ
मुदा गमाएब गामक जिनगी
आ गमाएब सादगी यौ
जुनि जाउ पिया परदेश
आहाँ गामे मे रहु यौ....

सोमवार, 31 अगस्त 2015

मित

कत' चलि गेल छलहुँ
हे हमर मनक मित
कल्पनाक रण बन मे
सदिखन बौआइत छल मन
उद्वलित भ जाइत छलहुँ
जखन याद अबैत छल
आहाँक निस्वार्थ प्रित ।।
प्रितक रीति नहि छल बुझल
ताँए नहि सुना सकलौ आहाँके
अपन ह्रद्यक स्नेहक गीत ।।
तखन बुझलौ प्रितक रीति
जखन प्रितक आगि मे जरै लगलौ
जखन बिनु पानि माछ जेना
अहुरीया काटि तड़पै लगलौ
तखन भेल आभाष
अहीं छलहुँ हमर मनक मित ।।

बुधवार, 5 अगस्त 2015

ई सार मच्छर
होइत अछि पैघ खच्चर
नान्हिएटा जन्त्र
मुदा अछि बड्ड ढिठगर
अपन सिद्यान्तकें अछि पक्का
बिनु चुनौती देने
अपन शिकारकें शिकार नहि करत
हनहनाइत कान लंग ललकारत
मुदा जखने हाथ उठाएब मारबाक लेल
चट द गाल पर चुम्मा ल भागि जाएत
आ भारी भरकम अहंकारी मनुख
निसहाय भ थपरी पीटैत रहत.......
मोदी जी
सब्र की अब बांध टूट रही है
पाकिस्तान की हिम्मत बढ़ रही है
बारम्बार वादा खिलाफी कर रहा है
पाले हुए सांप को भारत भेज रहा है
सीमाओं पर जवान शहीद हो रहे है
बारम्बार पाक हमे ललकार रहा है
आखिर कब तक हम धिरज बान्धे रहेगें ??
किस दिन काम आऐगें
मिसाइलें और परमाणु बम??
इस नापाक पाक के नस्ल को
नेस्तनाबूत कर दिजीए....
सौगन्ध आपको माँ भारती की ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

मंगलवार, 4 अगस्त 2015

दोसरक देखाउंस "


दोसरक जँका बने चललौं
भंगइठ (बिगैर )  गेल जिनगीक सुर-ताल,
निके छलौं अपने जँका
सुखमय छल संसार।


चाल अपन जँ छोड़ब
जँ पकड़ब दोसरक राह ,
 मंजील त नहिये भेटत
भ जाएत जिनगी तबाह।

प्रकृति मौलिक थिक
प्रकृतिक सभ वस्तुक  मौलिकता ,
तहिना मन्नुखक जिनगी सेहो
सभके अपन विशिष्ठ्ता।


    :गणेश कुमार झा "बावरा "
     गुवाहाटी 

गुरुवार, 30 जुलाई 2015

kavita...satkarm nahi kelau

मृत्युशैया पर पड़ल जिनगी
कुहैक कहि रहल अछि
मनुखक जिनगी भेटल
मुदा कोनो सत्कर्म नहि केलौं
जिनगी भरि कमेलौं खेलौं
समाज  लेल किछु नहि केलौं
मनुखक जिनगी व्यर्थ गमेलौं
इहो जिनगी कोनो जिनगी जिलौं
बिनु किछु पदचिन्ह छोड़ने जा रहलौं
एसगरे कानैत आएल रहि
एसगरे कानैत जा रहलौं
मुदा एखनो मोका अछि
समाज लेल किछु क' जेबाक
हम अपन देहक अंग दान करै छी
हम मनुख छलौ से प्रमान दैत छी ...

रविवार, 26 जुलाई 2015

votak bela

आइब गेलै आब वोटक बेला
देखू नेता घूमता घरे घरे सखीया...
पएर पकरता माथ झुकौता
बाबू भैया सबटा कहता
बड़का बड़का भाषण देता
आइब गेलै आब वोटक बेला
देखू नेता घूमता घरे घरे सखीया...
वोटक बेला कतेको बनत टोली
नेता सब खेलत खुनक होली
केयो एहि टोली केयो ओहि टोली
जाति बिरादरीक नाम पर
लगाओत नेता सब वोटक बोली
आइब गेलै आब वोटक बेला
देखू नेता घूमता घरे घरे सखीया...
सावधान भ' जाउ वोटर
मंगनीक गहुम चाउर मे नहि फँसू
वोट दिअ ओहि नेताके
जे रोजगारक करा' जोगार
आइब गेलै आब वोटक बेला
देखू नेता घूमता घरे घरे सखीया...