शुक्रवार, 7 नवंबर 2014

जाउ आब किछु नहि कहब
जँ आहाँ सदिखन हमर ह्रदय मे रहब ।
ताइक रहल चिन्मार यौ मैथिल 
बजा रहल दलान
पेटक खातिर छोइड़ गेलौं सभ
अपन खेत खरीहान !!!!!
जँ बेटी धन कमइतै
जँ बेटी बापे घर रहितै
त नहि लोक बहइबतै नोर
बेटी के जन्म पर !!!!!!

सोमवार, 6 अक्टूबर 2014

jingi

जिनगी सवँरी गेल हमर
जखन एलहुँ आहाँ जिनगी मे  हमर ।
मुर्झाएल फूल जेना छलहुँ हम
आबि आहाँ जीया देलहुँ हमरा ।
 संग आहाँ दैत गेलहुँ
डेग हम बढ़बैत गेलहुँ
भेंट गेल मंजिल हमर
गमइक गेल जिनगी हमर ।


रविवार, 5 अक्टूबर 2014

"अभागल जनता "

"अभागल जनता "
कोनो मोल नहि सधारण मनुषक जिनगीक
कीड़ा मकोड़ा जेना समा जाइत अछि
अकाल काल के गाल मे
बड़का बड़का कहाबे वाला जनसेवक
जनता के बुझैत अछि भेड़ बकड़ी
कटवा दैत अछि अपन कुर्सी खातिर
मृत्यु परल लाश पर सेहो होइत अछि राजनिती
खूब घोषणा होइत अछि क्षतिपूर्तिक हेतु
हर बेर बनैत अछि जाँच आयोग
मुदा परीणाम घास के तीन पात
लाशक मुआवजा मे सेहो घूसखोरी
ताहु पर साहबक सिनाजोड़ी
के किछु कहतै ओकरा
ओकरे शाशन ओकरे प्रशाशन
जनसाधारण बहाएत नोर
मुदा "अभागल जनताक" नोरक नहि कोनो मोल !!!!!!!!!!!
               
        :गणेश कुमार झा "बावरा "
          गुवाहाटी


रविवार, 14 सितंबर 2014

बड्ड दूर सॅ आएल छी,
आहाॅक शरणागत मैया...
.ल लिअ अपन कोरा मे,
 बड्ड हम थाकल छी मैया...
क दिअ अपन स्नेहक अमृत वर्षा,
भ जाएत जीनगी सुफल हमर मैया...

Pradhanmantri ke naam sandesh

आदरनिय प्रधानसेवक श्री नरेन्द्र मोदी जी...
.मैं सुचित करना चाहता हूँ कि बिहार राज्य के उतरी भाग जो प्राचीन काल से "मिथिला " नाम से विख्यात है और जहाँ सिद्ध महापुरूष और विद्वानो ने जन्म लिया, जहाँ सीता जैसी बेटी का जन्म हुआ और ये क्षेत्र सदैव अपनी विद्वता, सभ्यता, संस्कृति एवं मृदुल भाषा के लिए जगजाहीर रहा, आज ये क्षेत्र बिहार राज्य मे होने के कारण खतरे मे है । राज्यसरकार की उदासीनता और सौतेला व्यवहार इस क्षेत्र के लिए अभिषाप बन गया है । प्राचीन भाषा और सभ्यता विलुप्त होने के कगार पर है । इसे बचाने के लिए मिथिलावाशी को स्वराज चाहिए । अतः श्रीमान से निवेदन है कि मिथिलावाशी के कष्ट को समझते हुए हमे अलग मिथिला राज्य दे ।
 निवेदकः मिथिलावाशी