জয় মিথিলা, জয় মৈথিলি
रविवार, 9 फ़रवरी 2014
CHALU MITHILA
घुइर चलू घुइर चलू मैथिल
अपन मिथिला देश
बाट जोहै छथि माए मिथिला,
आँचर मे लऽ स्नेहक सनेश।
उजइर पुजइर गेल छै ओकर
सभटा खेत पथार
गाम घर सभ भक्क पड़ल छै
डिबिया बाती नै जरै छै
देख ई दशा
माए मिथिला के फाटै छै कुहेश ।...
जाहि धरा पर बहैत अछि
सात सात धार
आई ओहि धरा के छाती अछि सुखाएल
खाए लेल काइन रहल अछि नेन्ना भुटका
माइर रहल छथि माए मिथिला चित्कार ।
देखू देखू हे मिथिलावाशी केहन आएल काल
देब भूमि तपोभूमि
आई बनल आतंकक अड्डा
जतऽ कहियो पशु पंछियोँ वाचैत छल शास्त्र
आई ओहि धरा सँ सुना रहल अछि बम बारुदक राग ।
हे मैथिल!
दोसरक नगरी रौशन केलौँ
छोइड़ अपन देश
आबो जँ नै आएब मिथिला
तऽ भऽ जाएत मिथिला डीह
कुहैर कुहैर क कहैथ माए मिथिला ई..
चलू चलू यौ मैथिल अपन मिथिला देश
फेर सँ बनेबै ओहने मिथिला
देखतै देश विदेश..जय मिथिला
अपन मिथिला देश
बाट जोहै छथि माए मिथिला,
आँचर मे लऽ स्नेहक सनेश।
उजइर पुजइर गेल छै ओकर
सभटा खेत पथार
गाम घर सभ भक्क पड़ल छै
डिबिया बाती नै जरै छै
देख ई दशा
माए मिथिला के फाटै छै कुहेश ।...
जाहि धरा पर बहैत अछि
सात सात धार
आई ओहि धरा के छाती अछि सुखाएल
खाए लेल काइन रहल अछि नेन्ना भुटका
माइर रहल छथि माए मिथिला चित्कार ।
देखू देखू हे मिथिलावाशी केहन आएल काल
देब भूमि तपोभूमि
आई बनल आतंकक अड्डा
जतऽ कहियो पशु पंछियोँ वाचैत छल शास्त्र
आई ओहि धरा सँ सुना रहल अछि बम बारुदक राग ।
हे मैथिल!
दोसरक नगरी रौशन केलौँ
छोइड़ अपन देश
आबो जँ नै आएब मिथिला
तऽ भऽ जाएत मिथिला डीह
कुहैर कुहैर क कहैथ माए मिथिला ई..
चलू चलू यौ मैथिल अपन मिथिला देश
फेर सँ बनेबै ओहने मिथिला
देखतै देश विदेश..जय मिथिला
:गणेश कुमार झा "बावरा":
मंगलवार, 31 दिसंबर 2013
हम मैथिल छी बिहारी नै
'जय मिथिला ' "क्रान्ति " 'जय मैथिली '
" जागू मैथिल नै त पहिचान मिट जाएत "
" मिथिला राज्य आंदोलन"
" जागू मैथिल नै त पहिचान मिट जाएत "
" मिथिला राज्य आंदोलन"
रविवार, 29 दिसंबर 2013
KRANTI
व्यग्र अछि मन हमर,
उग्र होबे लेल आतुर अछि,
मुदा एहन संस्कार हमर,
मन हमर साधल अछि ।
मुदा, की करब राखि संस्कार,
जखन खतरा मे अछि पुरा मैथिल सभ्यता,
आब बने पड़त परशुराम...क्रांति...जय मिथिला
उग्र होबे लेल आतुर अछि,
मुदा एहन संस्कार हमर,
मन हमर साधल अछि ।
मुदा, की करब राखि संस्कार,
जखन खतरा मे अछि पुरा मैथिल सभ्यता,
आब बने पड़त परशुराम...क्रांति...जय मिथिला
Jay Mithila
छोड़ि अपन देश मैथिल धेने छथि भदेश,
गाम घर सभ सुन्न पड़ल छै,
खेत खरिहान सभ बाट जोहैत छै,
कहिया औता मैथिल ललना,
कियाक अतेक निष्ठुर बनल छथि,
सभ किछु बिलाएल जा रहल अछि,
पहिने बिलाएल भेष फेर भाषा,
आबो आउ अपन देश,
सम्हारु जे बचल अछि अवशेष..जय मिथिला
गाम घर सभ सुन्न पड़ल छै,
खेत खरिहान सभ बाट जोहैत छै,
कहिया औता मैथिल ललना,
कियाक अतेक निष्ठुर बनल छथि,
सभ किछु बिलाएल जा रहल अछि,
पहिने बिलाएल भेष फेर भाषा,
आबो आउ अपन देश,
सम्हारु जे बचल अछि अवशेष..जय मिथिला
गुरुवार, 7 नवंबर 2013
योगी
"योगी "
पहीर चोला योगी केर हम ,
घर- द्वारि सभ छोड़ि देलौ
वने- वन बौएलौ
मने -मन बौएलौ
मुदा माया के नै छोड़ि पएलौ ।
ठगि अन्जान इंसान के
हम बेसी धन अरजलौ
स्वयं इंसान बनि नै सकलौ
मुदा इंसान हमरा भगवान बनेलक ।
बैस मखमल के सिंहासन पर
हैम उपदेश दैत छी----------
"ई संसार माया थिक
प्रभु में सभ केयो भ जाऊ लिन "!!!!!!!!!!
पहीर चोला योगी केर हम ,
घर- द्वारि सभ छोड़ि देलौ
वने- वन बौएलौ
मने -मन बौएलौ
मुदा माया के नै छोड़ि पएलौ ।
ठगि अन्जान इंसान के
हम बेसी धन अरजलौ
स्वयं इंसान बनि नै सकलौ
मुदा इंसान हमरा भगवान बनेलक ।
बैस मखमल के सिंहासन पर
हैम उपदेश दैत छी----------
"ई संसार माया थिक
प्रभु में सभ केयो भ जाऊ लिन "!!!!!!!!!!
बुधवार, 23 अक्टूबर 2013
prarthna
प्रार्थना
(कविकर यात्री जी द्वारा रचित)
भगवान ! हमर ई मिथिला
सुख शान्ति केर घर हो ।
आदर्श भए सभक ई
इतिहाश में अमर हो ॥
जाहि ठाम जाइ हम सभ
सिंहे तहाँ कहाबी ।
दुर्दान्त होइ सबठान
केवल अहाँक डर हो ॥
जग भरि सुनी नचारी
तिरहुति महेश्वानी ।
सभ केर कंठ पथमे
मृदु मैथिलिक स्वर हो ॥
अत्यन्त शक्तिशाली
जे द्वीप अछि तहु पर
एहि देश केर भाषा
ओ भेषहुक असर हो ॥
पसरए एतए यथोचित
अभिनव कला कुषलता
प्रतियोगिताक रणमे
ई प्रान्त अग्रसर हो ॥
अंतिम विनय दयालु
बस आब एकटा जे
ई पाग विश्वभरमे
सबकेर माथ पर हो ॥
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